नई दिल्ली, 23 मार्च।
प्रधानमंत्री ने डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि लोहिया ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लोगों को संगठित करने और स्वतंत्र भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री ने लोहिया को सामाजिक न्याय का प्रबल समर्थक बताया, जिन्होंने गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया के विचार आज भी समाज में दिशा देने वाले हैं और उनके आदर्श कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने लोहिया के लैंगिक समानता और सहभागी शासन के दृष्टिकोण को भी याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि उनके सिद्धांत आज भी भारतीय समाज में प्रेरक शक्ति के रूप में कार्यरत हैं और देश के लिए समर्पित जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।











