भोपाल, 9 अप्रैल 2026।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय पर 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस आयोजन में किसानों को फसल बीमा, कृषि ऋण, अवसंरचना कोष, उन्नत बीज और उर्वरकों के साथ जैविक प्रमाणन तथा विपणन से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर दी जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह मेला खेती के हर पहलू को समेटते हुए भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित होगा।
उन्होंने सरपंचों के साथ वर्चुअल संवाद कर अपील की कि गांव-गांव से अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उनके अनुसार यह तीन दिवसीय आयोजन किसानों के लिए एक “जीवंत विश्वविद्यालय” जैसा होगा, जहां आधुनिक तकनीक, ड्रोन, बीज, उर्वरक और एफपीओ मॉडल के साथ बीमा और ऋण की विस्तृत जानकारी मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि मेले में फसल बीमा योजना के अंतर्गत कंपनियां मौके पर ही पॉलिसी उपलब्ध कराएंगी। साथ ही किसानों को प्रीमियम, क्लेम प्रक्रिया और नुकसान की रिपोर्टिंग जैसे विषयों पर सरल भाषा में मार्गदर्शन दिया जाएगा। कृषि ऋण, केसीसी और अवसंरचना कोष से जुड़े सत्रों में किसानों को भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ने के उपाय बताए जाएंगे।
इसके अलावा बीज कंपनियां उन्नत और उच्च उत्पादकता वाली किस्मों का प्रदर्शन करेंगी, वहीं उर्वरक कंपनियां मृदा स्वास्थ्य सुधार पर जोर देंगी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विभिन्न नस्लों के पशुओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे किसानों को विविध आजीविका के विकल्पों की जानकारी मिल सके।











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