हैदराबाद, 09 अप्रैल।
केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर तेलंगाना और हिंदी भाषी राज्यों के बीच रेल संपर्क बढ़ाने की मांग की है। मंत्री रेड्डी ने यह कदम बिहार समाज सेवा संघ और अन्य सामाजिक संगठनों की लगातार उठ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
केंद्रीय मंत्री ने 6 अप्रैल, 2026 को लिखे पत्र में बिहार समाज सेवा संघ के ज्ञापन को संलग्न करते हुए उल्लेख किया कि प्रवासी मजदूरों और तीर्थयात्रियों के आने-जाने में कठिनाइयाँ बढ़ रही हैं। उन्होंने नई ट्रेनें चलाने और कुछ मौजूदा गाड़ियों को नियमित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना है कि तेलंगाना और हिंदी प्रदेशों के बीच आने-जाने में परेशानी अब गंभीर मुद्दा बन चुकी है।
दरअसल, हैदराबाद में सक्रिय कई सामाजिक-राजनीतिक संगठन वर्षों से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश के साथ ट्रेन सेवाओं में सुधार की मांग करते आ रहे हैं। हाल ही में बिहार समाज सेवा संघ के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। संघ के चेयरमैन राजू ओझा ने पूर्व में दिए ज्ञापनों की याद दिलाते हुए फिर से हैदराबाद-वाराणसी, सिकंदराबाद-पटना और चेर्लापल्ली-रांची मार्ग पर नई ट्रेन चलाने की मांग दोहराई।
संघ ने कहा कि बड़ी संख्या में हिंदी प्रदेशों से लोग रोजी-रोजगार और नौकरी के सिलसिले में तेलंगाना आते-जाते हैं। गर्मियों में विवाह, त्यौहार और फसल कार्यों के दौरान यात्रा की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में टिकट और सीट की समस्या अधिक होती है। वहीं, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से श्रद्धालु काशी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे तीर्थस्थलों की ओर जाते हैं और उनकी आवाजाही भी कठिन हो जाती है। संघ ने विशेष रूप से हैदराबाद-वाराणसी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता पर जोर दिया है। केंद्रीय मंत्री के पत्र के बाद अब प्रवासियों और तीर्थयात्रियों में उम्मीद बढ़ गई है।






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