जबलपुर, 14 अप्रैल
तिलवारा थाना क्षेत्र में सोमवार रात हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद मंगलवार को मामला और गरमा गया। हादसे में महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन तिलवारा थाने के सामने पहुंच गए और सड़क पर चक्का जाम कर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने महिला के साथ मौजूद मोपेड चालक अनिल पचौरी पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जानकारी के अनुसार, लम्हेटा बायपास पर देर रात यह दुर्घटना हुई, जब कोकिला रिसॉर्ट के संचालक अनिल पचौरी, स्वरूपा झारिया के साथ चौकीताल स्थित फार्महाउस की ओर जा रहे थे। इसी बीच नागपुर दिशा से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात लोडिंग वाहन ने उनकी मोपेड को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि अनिल पचौरी दूर जा गिरे, जबकि महिला वाहन के नीचे फंस गई और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से भाग निकला।
घटना की सूचना मिलते ही तिलवारा पुलिस मौके पर पहुंची और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एंबुलेंस के जरिए शव को मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
हालांकि, अंतिम संस्कार के बजाय परिजन सीधे थाने पहुंचे और चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि महिला को घर से बुलाकर ले जाया गया था और इसके बाद हुई घटना कई सवाल खड़े करती है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मामले में स्थानीय नागरिकों ने भी संदेह जताते हुए रिसॉर्ट संचालक की भूमिका की गहन पड़ताल की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसे में चालक का बच जाना और महिला का इस तरह जान गंवाना कई शंकाओं को जन्म देता है।
घटना के बाद एक बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए, जिससे हादसे का कोई वीडियो उपलब्ध नहीं हो सका। इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं।
बताया जा रहा है कि हाईवे पर निगरानी की कमी के कारण अवैध गतिविधियों में संलिप्त वाहन भी आसानी से गुजरते हैं। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।









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