मंत्रालय में एक साहब का कक्ष बदला तो मानो पूरा सौंदर्यशास्त्र ही बदल गया। पहले वाले साहब को पेंटिंग्स से बड़ा प्रेम था, लेकिन नए साहब को शायद…
मंत्रालय में एक साहब का कक्ष बदला तो मानो पूरा सौंदर्यशास्त्र ही बदल गया। पहले वाले साहब को पेंटिंग्स से बड़ा प्रेम था, सो दीवारें कला से सजी रहती थीं। लेकिन नए साहब को शायद दीवारों पर रंग नहीं, खालीपन ज्यादा भाता है। आते ही फरमान हुआ—पेंटिंग हटाओ। पुराने साहब व्यस्त थे, तो पेंटिंग्स को सम्मानपूर्वक नहीं, सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब गलियारों में चर्चा गर्म है—साहब को पेंटिंग से एलर्जी है या फिर पेंटिंग के साथ पुराने साहब की याद भी हटानी थी।