हरिद्वार, 15 मई।
जनपद हरिद्वार में श्रमिकों के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों को लेकर उप श्रमायुक्त विपिन कुमार ने सभी श्रमिकों से सतर्क रहने और ऐसी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन बढ़ाने से संबंधित कोई नया आदेश अभी तक जारी नहीं किया गया है, और वर्तमान में प्रचलित वेतन व्यवस्था ही लागू है।
जानकारी के अनुसार नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों जैसे फार्मा एवं फूड कंपनियों में अकुशल श्रमिकों का कुल वेतन 13,018 रुपये निर्धारित है, जिसमें पीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद श्रमिकों को लगभग 11,358 रुपये प्राप्त होते हैं। वहीं इंजीनियरिंग उद्योगों जैसे बाइक और वाहन निर्माण इकाइयों में श्रमिकों का वेतन 13,800 रुपये तय है।
उप श्रमायुक्त ने बताया कि सोशल मीडिया पर वेतन वृद्धि से जुड़े कुछ संदेश और तस्वीरें तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जिससे श्रमिकों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने दोहराया कि यदि भविष्य में केंद्र सरकार द्वारा कोई नया आदेश जारी किया जाता है और राज्य सरकार उसे लागू करती है, तो उसे कंपनियों में तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाएगा।
फिलहाल सभी इकाइयों में मौजूदा वेतनमान ही प्रभावी है। उन्होंने श्रमिकों से किसी भी तरह के बहकावे में न आने की अपील की और कहा कि वेतन, ओवरटाइम, बोनस, एरियर या अन्य किसी भी समस्या को लेकर यदि शिकायत हो तो वे रोशनाबाद स्थित श्रम विभाग कार्यालय में लिखित या मौखिक रूप से आवेदन दे सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकतम पांच श्रमिक प्रतिनिधियों को अनुमति होगी।
उन्होंने क्षेत्र में शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि श्रम विभाग प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा और उसका उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।














