भोपाल, 02 मई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मध्यप्रदेश में अपना पहला विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रहा है। 4 मई को ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के मप्र प्रांत संघ चालक अशोक पांडे करेंगे।
संघ का यह विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो "शून्य से शिखर तक" के संकल्प के साथ स्थापित हो रहा है। 110 करोड़ रुपये की लागत से 55 बीघा जमीन पर यह विश्वविद्यालय शिवपुरी लिंक रोड स्थित बेला गांव में बनेगा। विश्वविद्यालय का नाम "ऋषि गालव विश्वविद्यालय" रखा गया है। इस आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में सुरेश सोनी भी मौजूद रहेंगे।
ऋषि गालव विश्वविद्यालय का संचालन मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बांदील ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय में 5000 छात्रों के प्रवेश की क्षमता होगी। इस विश्वविद्यालय में नर्सिंग, पैरामेडिकल, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग जैसे कोर्स संचालित होंगे, और भविष्य में अनुमति मिलने पर इसे और विस्तृत किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य 2027-28 सत्र से गुरुपूर्णिमा पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करना है। विश्वविद्यालय के परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी होगी। यह विश्वविद्यालय तीन साल में पूरी तरह से आकार लेगा।












