भोपाल, 02 मई।
मध्यप्रदेश सरकार ने संविदा शिक्षकों को एक बड़ी राहत देते हुए अब उन्हें सरकारी भर्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। सरकार ने इसके लिए सेवा नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत, जो संविदा शिक्षक कम से कम एक वर्ष तक लगातार काम कर चुके हैं, वे अब इस आरक्षण का लाभ नियमित भर्ती के समय ले सकेंगे।
हालांकि, यह आरक्षण केवल पहली नियमित नियुक्ति के दौरान ही मिलेगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतियोगी तरीके से ही होगी, और चयन के नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, संविदा कर्मचारियों को उम्र में भी छूट दी जाएगी। उनकी सेवा के वर्षों के आधार पर अधिकतम उम्र सीमा 55 वर्ष तक निर्धारित की गई है, लेकिन यह लाभ केवल उसी विभाग में आवेदन करने पर मिलेगा, अन्य विभाग में नहीं।
साथ ही, एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए पहले से लागू आरक्षण नियम जारी रहेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो बैकलॉग पदों को डी-रिजर्व किया जा सकता है। संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी लंबे समय से चल रही 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग अब पूरी हो गई है।












