शिमला, 08 मई।
शिमला प्रशासन ने नशे के खिलाफ अभियान को केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए अब इसे राजस्व और प्रशासनिक स्तर तक विस्तार देने का निर्णय लिया है, जिसके तहत गांवों में तैनात पटवारियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
प्रशासन के अनुसार पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की जानकारी एकत्रित करेंगे और इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपमंडल अधिकारियों को भेजेंगे, ताकि नशे से अर्जित संपत्तियों की जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला स्तरीय एनकोर्ड बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी उपमंडल अधिकारियों और पुलिस उपाधीक्षकों ने पिछले एक महीने में की गई कार्रवाई और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
उपायुक्त ने कहा कि अब गांव स्तर तक निगरानी को मजबूत किया जाएगा और पटवारियों की रिपोर्ट के आधार पर नशे से जुड़ी संपत्तियों की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरराज्यीय नशा तस्करों में भय का माहौल बना है।
उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके और कार्रवाई में देरी न हो।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नशा विरोधी जागरूकता अभियान को स्कूलों और कॉलेजों तक विस्तारित किया जाएगा और विद्यार्थियों को “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नशा विरोधी गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अवैध शराब की बिक्री और भंडारण पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि एनडीपीएस मामलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अंतरराज्यीय नशा गिरोहों का भंडाफोड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नशा कारोबार से जुड़े लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय जांच प्रक्रिया अभी धीमी है, लेकिन राजस्व विभाग के सहयोग से इसमें तेजी लाई जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार शिमला जिले में इस वर्ष अब तक चार महीनों में एनडीपीएस के 111 मामलों में 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सप्लाई नेटवर्क से जुड़े 30 आरोपियों को विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया है और 35 आदतन अपराधियों को जेल भेजा गया है।



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