जयपुर, 07 अप्रैल 2026।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि भारत की रीढ़ है और किसान देश की आत्मा हैं। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उनके जीवन स्तर में सुधार करने और कृषि में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने राजस्थान में कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि का रोडमैप तैयार किया गया है। चौहान ने अन्य राज्यों को भी इस नवाचार का अनुसरण करने का संदेश दिया।
शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को जयपुर में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की भौगोलिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। पहला सम्मेलन राजस्थान से शुरू हुआ है। सम्मेलन में गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गोवा और राजस्थान के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह मंच राज्यों को आपसी समन्वय, कृषि आवश्यकताओं, चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पहला, देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना; दूसरा, किसानों की आय बढ़ाना और जीवन स्तर सुधारना; और तीसरा, पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना। इसके लिए उत्पादन वृद्धि, कृषि का विविधीकरण और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसी पहलों के माध्यम से पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी राज्य मिशन मोड पर कार्य करते हुए 100 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण फार्मर आईडी के तहत करवाएं ताकि योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सके। प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। चौहान ने कहा कि फसल नुकसान का शीघ्र आकलन कर बीमा लाभ त्वरित प्रदान किया जाएगा।
राजस्थान में कृषि के संभावनाओं को देखते हुए कृषि का रोडमैप बनाने की पहल की गई है। अन्य राज्य भी इससे प्रेरणा लें। राज्य सरकार आगामी समय में ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026’ का आयोजन करेगी, जिसमें केंद्र सरकार विशेषज्ञों, अधिकारियों और वैज्ञानिकों की टीम भेजेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि किसान देश की नींव हैं और विकास गांव की पगडंडियों, खेत-खलियानों से होगा। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया। उन्होंने कहा कि कृषि निर्यात में राजस्थान को अग्रणी बनाने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। ‘विकसित राजस्थान 2047’ योजना के तहत फसल श्रेणीवार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। कृषि बजट में 34 प्रतिशत वृद्धि कर 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और आधुनिक कृषि तकनीक, फव्वारा सिस्टम, पारंपरिक और आधुनिक फसलों को शामिल करने की अपील की।
उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने और भूमि की उर्वरता बनाए रखने का आग्रह किया। साथ ही, पशुपालन को कृषि से जोड़कर प्राकृतिक खाद की उपलब्धता बढ़ाने और लागत में कमी लाकर किसानों की आय बढ़ाने पर बल दिया।
इस दौरान केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, गुजरात के कृषि राज्य मंत्री रमेश भाई कटारा, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय विठोबा भरणे, गोवा के सामाजिक कल्याण मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई, मुख्य सचिव वी. श्री निवास, केंद्रीय कृषि सचिव अतिश चंद्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट समेत केंद्र एवं राज्य के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।













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