मुंबई, 05 मई।
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को कमजोर बंद हुए, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला। दिनभर के कारोबार में बैंकिंग, रियल्टी और तेल-गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
कारोबार के अंत में निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,032.80 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत टूटकर 77,017.79 पर बंद हुआ। पिछले सत्र की बढ़त भी बाजार ने गंवा दी।
सेक्टरवार प्रदर्शन में बैंकिंग, रियल एस्टेट और तेल-गैस शेयर सबसे अधिक दबाव में रहे। इन क्षेत्रों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ऊर्जा बाजार को लेकर चिंता का असर देखा गया।
हालांकि ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में मजबूती रही, जिससे व्यापक बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.28 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
बाजार में सतर्कता का माहौल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बना रहा। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास संघर्ष जैसी स्थिति देखी गई, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव वित्तीय बाजारों पर भी दिख सकता है।





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