भोपाल, 11 जून।
भोपाल स्थित बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) में व्याप्त कथित अकादमिक और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मोर्चा खोल दिया है। विश्वविद्यालय परिसर में आज से एबीवीपी ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने कुलपति के तत्काल इस्तीफे और विश्वविद्यालय में 'धारा 52' लागू करने की मांग की है।
एबीवीपी का आरोप है कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। एमबीए सहित कई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम महीनों से लंबित हैं और पुनर्मूल्यांकन के नतीजे तो एक वर्ष से अधिक समय से नहीं आए हैं, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। इसके अलावा, पीएचडी प्रवेश परीक्षा में देरी, नर्सिंग कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया में बाधा, शिक्षकों की भर्ती न होना और छात्रावासों की बदहाल स्थिति जैसे गंभीर मुद्दे भी आंदोलन का आधार बने हैं।
परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वित्तीय भ्रष्टाचार और निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी का दावा किया है। उन्होंने मध्य प्रदेश शासन और उच्च शिक्षा विभाग से इस मामले में तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रों की समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकलता और प्रशासनिक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।









