नई दिल्ली, 11 जून।
असम-नगालैंड सीमा पर तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण और उत्पादन को नई दिशा देने के लिए आज दिल्ली में एक बड़ा त्रिपक्षीय समझौता होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाले इस करार को ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। कार्यक्रम गृह मंत्रालय में शाम को संपन्न होगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो मुख्य रूप से शामिल होंगे। इनके साथ केंद्रीय गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यह समझौता उन संसाधन-संपन्न क्षेत्रों में विकास का मार्ग खोलेगा जो लंबे समय से सीमा विवादों की वजह से उपेक्षित रहे हैं।
इस एमओयू के जरिए संयुक्त उत्खनन और उत्पादन के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया जाएगा। समझौते में राजस्व बंटवारे, परियोजनाओं के संचालन और सीमावर्ती इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय का विशेष प्रावधान किया गया है।
सरकार इस कदम को सहकारी संघवाद की मिसाल मान रही है। उम्मीद है कि यह पहल न केवल ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगी, बल्कि असम और नगालैंड के बीच बरसों से चले आ रहे विवादों को कम कर आपसी विश्वास और भाईचारे को भी बढ़ावा देगी।










