नई दिल्ली, 12 जून।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए इसे और अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक आधारित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, तेज कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लगातार मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न भर्ती अभियानों के माध्यम से 43,781 अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया है। यह चयन प्रक्रिया कुल 47,084 रिक्त पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कई प्रमुख श्रेणियों के पद शामिल रहे।
भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत सहायक लोको पायलट, तकनीशियन, सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल, जूनियर इंजीनियर, डीएमएस, सीएमए और पैरामेडिकल पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। रेलवे का कहना है कि बड़े पैमाने पर हुई यह भर्ती युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रेल मंत्री ने कहा कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर और तिमाही आधार पर जारी की जाने वाली रिक्तियों की अधिसूचनाओं को अभ्यर्थियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इससे उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा स्पष्टता बढ़ती है।
बैठक में विभागीय परीक्षाओं को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अश्विनी वैष्णव ने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां टैबलेट आधारित परीक्षाओं का दायरा बढ़ाया जाए ताकि पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, प्रभावी और अभ्यर्थी हितैषी बन सके।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे भर्ती परीक्षाएं देशभर के विभिन्न शहरों में अनेक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाती हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को अवसर देने के लिए परीक्षाओं का आयोजन कई शिफ्टों में किया जाता है। साथ ही परीक्षाएं 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
रेल मंत्री ने रेलवे भर्ती बोर्डों को उम्मीदवारों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती से जुड़ी किसी भी भ्रामक जानकारी का तत्काल खंडन किया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों तक सही सूचना पहुंचे और भर्ती प्रक्रिया में उनका विश्वास बना रहे।
उन्होंने दोहराया कि भारतीय रेलवे योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और तकनीकी सुधारों, सुव्यवस्थित योजना तथा पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से युवाओं के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।













