हैदराबाद, 12 जून।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राजनीति में किसी भी नेता और दल की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता होती है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय राजनीति में पैदा हुए भरोसे के संकट को दूर करने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है। हालिया चुनावी परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने विश्वास तोड़ने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है।
सिकंदराबाद में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि न तो भ्रष्टाचार किया जाएगा और न ही किसी को ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी।
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में कई बड़े घोटाले सामने आए थे। उन्होंने कोयला, 2जी और कॉमनवेल्थ जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से देश को व्यापक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि देश का रक्षा क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, निजी उद्योगों, स्टार्टअप, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों के बीच पहले की तुलना में अधिक समन्वय देखने को मिल रहा है। यह सहयोग देश की नवाचार क्षमता को उत्पादन और संचालन शक्ति में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकार स्वदेशी रक्षा तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और अन्य संस्थाओं के सहयोग से देश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
इससे पहले बेगमपेट हवाई अड्डे पर पहुंचने पर रक्षा मंत्री का सैन्य और पुलिस अधिकारियों के साथ भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। इस दौरान तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव, सांसद बी. लक्ष्मण और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि राजनाथ सिंह का हैदराबाद आगमन राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के 12 वर्ष सुशासन, विकास और राष्ट्रीय सम्मान को समर्पित रहे हैं।
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रक्षा मंत्री 13 जून को डुंडीगल स्थित वायु सेना अकादमी में आयोजित 217वें कोर्स की संयुक्त स्नातक परेड का निरीक्षण करेंगे। यह परेड भारतीय वायुसेना के फ्लाइट कैडेटों के प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रतीक मानी जाती है।













