नई दिल्ली, 12 जून।
उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव नामांकन खारिज मामले में कोई राहत नहीं दी है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नामांकन पत्र खारिज करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर न तो उच्च न्यायालय और न ही उच्चतम न्यायालय सुनवाई कर सकता है।
सुनवाई के दौरान मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि उनका नामांकन गलत आधार पर रद्द किया गया। उनका कहना था कि तेलंगाना में जिस आपराधिक मामले का जिक्र किया गया है, उसमें अभी तक अदालत ने संज्ञान नहीं लिया है। उन्होंने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 33ए का हवाला देते हुए कहा कि केवल उन मामलों का खुलासा करना अनिवार्य है जिनमें संज्ञान लिया जा चुका हो।
गौरतलब है कि निर्वाची अधिकारी अरविंद शर्मा ने तेलंगाना में एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था। मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है, जिसके बाद इन परिणामों को अंतिम मान लिया गया है।













