राजधानी से करीब 500 किलोमीटर दूर तैनात एक साहब का मन भले ड्यूटी स्थल पर हो, लेकिन चिंता राजधानी वाले फार्महाउस और आलीशान निवास की ज्यादा रहती है। बरसात आने से पहले ऐसी तैयारियां करवाई जा रही हैं कि देखने वाला समझे कोई मौसम नहीं, बड़ा अभियान आने वाला है।
कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी भी वहीं लगा दी गई है। मगर साहब की यह व्यवस्था कुछ साथियों को हजम नहीं हो रही, इसलिए अब फार्महाउस की तैयारियों से ज्यादा उसकी चर्चाएं उड़ान भरने लगी हैं।













