तेहरान, 15 जून।
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते में उसकी तीन प्रमुख शर्तों को शामिल किया गया है। इनमें लेबनान में शांति बहाली, वैश्विक बाजार में ईरानी तेल एवं पेट्रोकेमिकल उत्पादों की निर्बाध बिक्री तथा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर 60 दिन बाद शुल्क लागू करने का प्रावधान शामिल है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि लेबनान में हालात पर ईरान लगातार नजर बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि वहां संघर्ष समाप्त करना अमेरिका के साथ तैयार किए गए समझौता ज्ञापन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और आवश्यक होने पर ईरान यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएगा कि दूसरी ओर से भी प्रतिबद्धताओं का पालन हो।
बघाई ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के लागू होने के बाद ईरान को वैश्विक बाजार में तेल निर्यात और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री बिना किसी बाधा के करने की अनुमति मिलेगी। उनके अनुसार यह प्रावधान समझौते के प्रमुख बिंदुओं में शामिल है।
प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने समझौता ज्ञापन का मसौदा तैयार होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस दस्तावेज़ पर 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना है। ग़रीबाबादी के अनुसार समझौते में लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को तत्काल रोकने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
इस्माइल बघाई ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के साथ ही ईरान को तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात का अवसर मिलना चाहिए, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उसकी पहुंच सुगम हो सके।
इसी बीच ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं पर ईरान शुरुआती 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लेगा। इसके बाद सुरक्षा, नौवहन और बीमा संबंधी सेवाओं के बदले शुल्क वसूलने की योजना है।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका इस प्रस्ताव पर सहमति जता चुका है। साथ ही समझौते के मसौदे में यह संकेत भी दिया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही का प्रबंधन ईरान और ओमान की निगरानी में किया जाएगा।
















