खड़गपुर, 15 जून।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी), कोलकाता की ओर से पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर में ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विकास एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास, कृषि, रोजगार, वित्तीय समावेशन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आकाश शर्मा तथा पंजाब नेशनल बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कंचन कांति दास ने किसानों, ग्रामीण समुदायों और कमजोर वर्गों के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।
आकाश शर्मा ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि के तहत रियायती ब्याज दर पर विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि खड़गपुर क्षेत्र में नाबार्ड के सहयोग से लगभग 407 विकास परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न पहलों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
आकाश शर्मा ने बताया कि टिकाऊ कृषि और ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करने के लिए नाबार्ड कई कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इनमें जल संरक्षण, किसान उत्पादक संगठन, जनजातीय समुदायों को सहयोग, सहकारी संस्थाओं का डिजिटलीकरण तथा सामुदायिक विकास गतिविधियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने से किसानों को बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण व्यापार प्रोत्साहन केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी कंचन कांति दास ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाएं कम लागत में लोगों को बीमा और पेंशन सुरक्षा प्रदान कर रही हैं, जिससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों को बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के लिए वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
कार्यशाला के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि वित्तीय संस्थानों, विकास एजेंसियों और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
















