रांची, 20 जून।
झारखंड में बहुचर्चित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले के आरोपित सोनू शर्मा और मोनू कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर शनिवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अनुसंधानकर्ता अदालत में तो पहुंचे, परंतु अनिवार्य केस डायरी प्रस्तुत करने में विफल रहे।
अदालत ने अनुसंधानकर्ता के आग्रह को स्वीकार करते हुए उन्हें केस डायरी पेश करने के लिए मोहलत दी है। न्यायाधीश ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली सुनवाई के दौरान हर हाल में अद्यतन केस डायरी दाखिल की जाए, ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए न्याय प्रक्रिया आगे बढ़ सके। तब तक अदालत ने दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी या अन्य किसी भी पीड़क कार्रवाई पर लगी अंतरिम रोक बरकरार रखी है।
यह प्रकरण परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने और सॉल्वर गैंग द्वारा उत्तर रटवाने के बड़े नेटवर्क से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ कि तमाड़ के रड़गांव स्थित एक भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को एकत्रित कर गिरोह ने उनके मोबाइल और प्रवेश पत्र अपने कब्जे में ले लिए थे।
इस मामले में पुलिस ने बीते 11 अप्रैल को छापेमारी कर करीब 166 लोगों को पकड़ा था, जिनमें गिरोह के प्रमुख सरगना भी शामिल थे। हालांकि अब तक 160 लोगों को जमानत मिल चुकी है, फिर भी 6 याचिकाएं खारिज हुई हैं। भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उठे इन सवालों के बीच तमाड़ थाने में दर्ज इस प्राथमिकी की जांच अभी जारी है।


















