मुंबई, 20 जून।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 12 जून को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 9.99 अरब डॉलर घटकर 671.63 अरब डॉलर रह गया है। इससे पहले के सप्ताह में यह आंकड़ा 681.61 अरब डॉलर था।
इस गिरावट का मुख्य कारण स्वर्ण भंडार में आई भारी कमी है। सोने के भंडार में 10.75 अरब डॉलर का तेज सुधार (करेक्शन) हुआ, जिसके बाद यह घटकर 103.82 अरब डॉलर पर आ गया है। इस गिरावट ने कुल भंडार के आंकड़ों को प्रभावित किया है।
हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक यानी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में 846 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह बढ़कर 544.29 अरब डॉलर हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास मौजूद स्पेशल ड्राइंग राइट्स में 66 मिलियन डॉलर और भारत की आरक्षित स्थिति में 11 मिलियन डॉलर की मामूली गिरावट आई है।
रुपये के संदर्भ में बात करें तो 12 जून तक कुल विदेशी मुद्रा भंडार 63.88 लाख करोड़ रुपये रहा। मार्च 2026 के अंत की तुलना में देखें तो कुल भंडार में 19.48 अरब डॉलर की कमी आई है। विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति देश की बाहरी स्थिरता और मुद्रा की अस्थिरता को संभालने की क्षमता का एक प्रमुख पैमाना मानी जाती है।


















