नई दिल्ली, 20 जून।
केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जनहित में लिए गए इस फैसले के बाद इन दवाओं को बाजार से हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह सख्त कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने इन दवाओं की गहन समीक्षा की थी, जिसमें पाया गया कि इन संयोजनों के पीछे कोई ठोस चिकित्सकीय आधार नहीं है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये दवाएं स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
प्रतिबंधित दवाओं की सूची में मुख्य रूप से दर्द निवारक, एंटीबायोटिक, एंटीस्पास्मोडिक और कुछ त्वचा संबंधी दवाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद केवल ऐसी दवाओं को उपलब्ध रखना है जो पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से मान्य हों।
सभी राज्यों के ड्रग रेगुलेटर्स और प्रवर्तन एजेंसियों को मंत्रालय ने इस प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे बाजार में इन दवाओं की बिक्री पर नजर रखें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।


















