मॉस्को, 20 जून।
अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आ रही है। अमेरिका अब कतर देश के साथ मिलकर एक विशेष योजना पर काम कर रहा है। इस साझा रणनीति के अंतर्गत ईरान को उसके जब्त किए गए छह अरब डॉलर के भारी-भरकम फंड को मानवीय आवश्यकताओं पर खर्च करने की हरी झंडी मिल सकती है।
इस विशेष पहल को दोनों देशों के बीच होने वाले आगामी व्यापक करार के लिए एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कतर में रोकी गई इस अरब डॉलर की राशि का उपयोग केवल भोजन, जीवन रक्षक दवाएं और अन्य जरूरी मानवीय वस्तुएं खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा।
रणनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह कदम आने वाले समय में ईरान की अन्य बंद पड़ी संपत्तियों को लेकर मिलने वाली छूट का एक मुख्य आधार बन सकता है। हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार तेहरान ने अभी तक इस नए प्रस्ताव पर अपनी आधिकारिक सहमति नहीं जताई है।
इससे पहले 14 जून को दोनों पक्षों ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन की तैयारी पूरी होने की पुष्टि की थी। इसके बाद 18 जून की रात को वर्चुअली इस दस्तावेज पर दस्तखत किए गए, जो 28 फरवरी से जारी सैन्य संघर्ष पर विराम लगाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
यह समझौता दोनों देशों को प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अंतिम सहमति बनाने के लिए पूरे 60 दिन का समय देता है। इसके साथ ही वाशिंगटन के लिए अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और तेहरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात सुचारू करने का रास्ता साफ होता है।

















