संपादकीय
20 Jun, 2026

पद नहीं, परफॉर्मेंस - संगठन की दो टूक, अब काम चाहिए

मध्य प्रदेश भाजपा ने मंडल और जिला स्तर पर प्रशिक्षण के बाद अब कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करते हुए आगामी चुनावों के लिए कार्य आधारित प्रदर्शन अनिवार्य कर दिया है।

भोपाल, 20 जून।

पद प्रतिष्ठा नहीं, परीक्षा है। भाजपा का संगठनात्मक ढांचा उसकी सबसे बड़ी ताकत है, परंतु ताकत तभी तक है जब तक कार्यकर्ता सक्रिय है। मंडल और जिला अध्यक्षों को समझना होगा कि पद विजिटिंग कार्ड नहीं, रिपोर्ट कार्ड है। हर महीने काम का हिसाब देना होगा। मुख्यमंत्री की दो टूक समय की मांग है। 2023-24 की जीत इतिहास है, 2028 भविष्य है और भविष्य उन्हीं का होता है जो वर्तमान में जागते हैं। संगठन ने पद दे दिए हैं, अब जनता परिणाम मांगेगी। कार्यकर्ता अगर जमीन पर नहीं दिखे तो पद भी नहीं बचेगा, क्योंकि भाजपा में काम ही एकमात्र पहचान है और 2028 का चुनाव इसी पहचान पर लड़ा जाएगा।

राजनीति में पद मिलना जितना आसान है, उसे निभाना उतना ही कठिन है। मध्यप्रदेश भाजपा ने मंडल व जिला प्रशिक्षण वर्ग की समीक्षा में यही संदेश दिया है। पद मिल गए हैं, अब काम दिखाने का समय है। लक्ष्य अगला चुनाव है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लेकर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक ने कार्यकर्ताओं को दो टूक कहा कि सर्वाधिक सीटें जीतकर फिर से सरकार बनानी है, परंतु यह तभी संभव होगा जब हर कार्यकर्ता पद को अधिकार नहीं, जिम्मेदारी माने। संगठन ने साफ कर दिया है कि अब निष्ठा का प्रमाणपत्र नहीं, जमीन पर परिणाम चाहिए।

भोपाल में मंडल व जिला प्रशिक्षण वर्ग की समीक्षा बैठक में प्रशिक्षण के शुभारंभ पर भाजपा के सिद्धांतों और उन्हें आचरण में उतारने की बात कही गई। लगभग 80 प्रतिशत मंडल व जिला स्तर पर प्रशिक्षण पूरे हो चुके हैं। अब संगठन अगले चरण में है, यानी कार्य का ऑडिट। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं को पद दिए गए हैं तो अब उन्हें काम दिखाना होगा और सभी का लक्ष्य पार्टी को मजबूत बनाना तथा प्रदेश में आने वाले समय में प्रस्तावित चुनाव होना चाहिए। यह संदेश सामान्य नहीं है। 2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा में भाजपा ने मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, परंतु संगठन जानता है कि सत्ता का नशा सबसे बड़ा शत्रु है। कार्यकर्ता पद पाकर निष्क्रिय हो जाते हैं और गुटबाजी में लग जाते हैं। इसलिए प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण सिर्फ सीखने का माध्यम नहीं, बल्कि उसका भाव कार्यकर्ताओं के आचरण और व्यवहार में परिलक्षित होना चाहिए। कुछ लोग देश में वंदेमातरम् के गायन से परहेज करते हैं, लेकिन यह नया भारत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्व के कई देशों में वंदेमातरम् का गायन हो रहा है।

संगठन ने 2028 विधानसभा का रोडमैप अभी से खींच दिया है। मुख्यमंत्री ने संबोधन में कहा कि भाजपा प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के बल पर वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक सीटों पर विजय प्राप्त कर इतिहास रचेगी। प्रदेश संगठन ने जिस गंभीरता और प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया है, वह निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यहां 'सर्वाधिक' शब्द महत्वपूर्ण है, यानी 2018 की 109 सीटें या 2023 की 163 सीटें नहीं, बल्कि 200 पार का लक्ष्य। इसके लिए बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट चाहिए। प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही भाजपा की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास का प्रमाण हैं, परंतु प्रशिक्षण कागज पर नहीं, आचरण में उतरे, यही असली चुनौती है।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही भाजपा की वास्तविक ताकत हैं। प्रशिक्षण हमारी पार्टी की सतत चलने वाली कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण अंग है। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में प्रत्येक दो माह में नियमित रूप से कोर कमेटी की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। आगामी जुलाई माह में प्रस्तावित कोर कमेटी बैठकों में प्रशिक्षण वर्गों की विस्तृत समीक्षा तथा उन्हें अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाने के सुझावों पर विशेष चर्चा की जाएगी। संदेश साफ है कि पद परिवार, वंश या विशेषाधिकार नहीं, बल्कि परिश्रम, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा से प्राप्त होता है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रशिक्षण को जब हम जीवन, व्यवहार और कार्यशैली में उतारेंगे, तभी उसका वास्तविक लाभ मिलेगा।

समीक्षा बैठक में एक और बड़ी बात निकलकर आई कि गुटबाजी बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कार्यकर्ताओं को पद दिए गए हैं तो अब उन्हें काम दिखाना होगा और सभी का लक्ष्य पार्टी को मजबूत बनाना तथा प्रदेश में आने वाले समय में प्रस्तावित चुनाव होना चाहिए। दरअसल, जीत के बाद संगठन में शिथिलता आ जाती है। मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष पद पाकर 'साहब' बन जाते हैं। बूथ समितियां कागजों में सिमट जाती हैं और जनता से दूरी बढ़ जाती है। विपक्ष इसी कमजोरी का फायदा उठाता है। इसलिए संगठन ने रियल टाइम मॉनिटरिंग का फैसला किया है। हर दो माह में कोर कमेटी की बैठक और हर तिमाही प्रशिक्षण का फीडबैक, यानी जवाबदेही तय।

प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि महाअभियान 2026 के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रभारी के.सी. पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश का संगठन मंडल और जिला प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरा है। शत-प्रतिशत मंडल प्रशिक्षण वर्ग संपन्न होना मध्यप्रदेश पार्टी संगठन की बड़ी उपलब्धि है। बैठक में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नंदिता पाठक, प्रदेश महामंत्री सुमेर सिंह सोलंकी, प्रदेश मंत्री रजनीश सिंह, प्रशिक्षण महाअभियान के प्रदेश संयोजक विजय दुबे एवं डॉ. अभय यादव मंचासीन रहे। अब आगे का एजेंडा स्पष्ट है - पहला, बूथ जीतो, चुनाव जीतो का फॉर्मूला। हर बूथ पर 10 युवा, 10 महिलाएं और 10 सोशल मीडिया योद्धा। दूसरा, लाभार्थी संपर्क। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रत्येक लाभार्थी से व्यक्तिगत संपर्क। तीसरा, नैरेटिव पर कब्जा। विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यों से जवाब। चौथा, नए मतदाताओं पर फोकस। 2028 तक 18 वर्ष के होने वाले एक करोड़ युवाओं को भाजपा से जोड़ना।

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आज का राशिफल

लेन-देन में स्पष्टता बनाये रखें। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। पदोन्नति की संभावना है। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। शुभांक-7-8-9

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