मुंबई, 20 जून।
महाराष्ट्र के बहुचर्चित पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल सहित सभी नौ आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया है।
अदालत ने इस मामले में माफी के गवाह बने पारसमल जैन की गवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जज ने टिप्पणी की कि जिस व्यक्ति के पास लाखों की संपत्ति और सोना हो, वह महज 50 हजार रुपये के लिए गवाह बनेगा, यह तर्क गले नहीं उतरता। कोर्ट ने यह भी माना कि गवाह की गवाही में कई विसंगतियां हैं।
जज सत्यनारायण नावंदर ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि गवाह ने पूरी कहानी गढ़ी थी। गवाह की गिरफ्तारी और अन्य परिस्थितियों के कारण उसकी गवाही विश्वसनीय नहीं मानी जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने पाटिल सहित अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
फैसले के बाद धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। सांसद ने कहा कि उन्हें न्याय की उम्मीद है।
गौरतलब है कि 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली के समीप पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच के लिए लंबा कानूनी संघर्ष चला और आज के फैसले ने पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है।

















