भोपाल, 24 जून।
अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर 27 जून को राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन में ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य रूप से शामिल होंगे। समिट का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप तथा मुख्य सचिव अनुराग जैन भी उपस्थित रहेंगे। समिट के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न औद्योगिक और स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़े हितग्राहियों को लाभ वितरण करेंगे तथा कई विकास कार्यों का शुभारंभ भी करेंगे।
उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार के अनुसार कार्यक्रम में भूमि आवंटन, भूमिपूजन, लोकार्पण और एमएसएमई, स्टार्टअप तथा स्वरोजगार लाभार्थियों को सहायता राशि वितरण जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों से जुड़े उद्यमों के लिए बायर-सेलर मीट भी आयोजित की जाएगी।
समिट में एमएसएमई प्रदर्शनी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस क्लिनिक भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रदर्शनी में करीब 50 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों, स्टार्टअप्स, महिला स्व-सहायता समूहों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, बैंकिंग संस्थानों और तकनीकी संस्थाओं द्वारा योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
मुख्य सत्र में संबंधित विभागों की पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ विभिन्न एमओयू का आदान-प्रदान किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार समिट में राज्यभर से 2000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थान, उद्योग जगत के सदस्य, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और महिला स्व-सहायता समूह शामिल रहेंगे।
कार्यक्रम में तीन विशेष विषयगत सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। पहले सत्र में नए बाजार अवसरों, दूसरे में एमएसएमई के लिए वित्तीय संसाधनों तक पहुंच और तीसरे सत्र में उत्पाद गुणवत्ता एवं मानकों पर चर्चा होगी। विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ इन सत्रों में अपने विचार साझा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 27 जून को अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के रूप में मान्यता दी गई है। इसका उद्देश्य सतत विकास और रोजगार सृजन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष इस वैश्विक आयोजन का दसवां वर्ष है।














