नई दिल्ली, 24 जून।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। इसी क्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने तथा व्यापार वार्ता की प्रगति की समीक्षा की गई।
पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चाओं में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नए स्तर तक पहुंचाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों की टीमें रचनात्मक और प्रगतिशील तरीके से वार्ता को आगे बढ़ाने में जुटी हैं। उन्होंने इस दिशा में जेमिसन ग्रीर और दोनों देशों की वार्ता टीमों के प्रयासों की सराहना भी की।
इससे पहले गोयल ने अमेरिकी प्रतिनिधियों और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ भी बैठक की थी। इस दौरान दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और पारस्परिक लाभ वाले व्यापार समझौते पर चर्चा की गई।
मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य ऐसा समझौता तैयार करना है जो व्यापार, निवेश और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ दीर्घकालिक साझेदारी को भी मजबूती प्रदान करे।
अधिकारियों के अनुसार दोनों देश ऐसे व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे और द्विपक्षीय व्यापार को गति मिलेगी।
अमेरिकी पक्ष ने भी इस प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजबूत आर्थिक सहयोग से दोनों देशों को लाभ होगा। साथ ही यह समझौता भविष्य में व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वार्ता सफल रहती है तो भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और दोनों देशों के कारोबारी समुदाय के लिए भी नए अवसर उपलब्ध होंगे।














