नई दिल्ली, 24 जून।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने, आपसी विश्वास मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच बनी उच्चस्तरीय सहमतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान वांग यी ने कहा कि चीन और भारत विश्व के दो बड़े विकासशील देशों के रूप में वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को ग्लोबल साउथ के बीच एकता, आत्मनिर्भरता और विकास सहयोग को बढ़ावा देने में सकारात्मक नेतृत्व प्रदान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बनी सहमतियों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। इसके तहत आपसी विश्वास को बढ़ाने, गलतफहमियों को कम करने, संवेदनशील मुद्दों को संतुलित ढंग से संभालने और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को मजबूत करने पर बल दिया गया।
वांग यी ने यह भी कहा कि भारत और चीन को अपने संबंधों को केवल द्विपक्षीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच सहयोग का विस्तार न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
इस दौरान ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। चीन की ओर से भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा गया कि दोनों देश संगठन के भीतर सहयोग बढ़ाने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
इससे पहले वांग यी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। बातचीत में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और माना कि संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में क्रमिक प्रगति हो रही है।
बैठक में आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संवेदनशील मुद्दों को सावधानीपूर्वक संभालने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक वातावरण और जनस्तर पर बेहतर समझ विकसित करना महत्वपूर्ण है।
बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री सहित दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।














