भोपाल, 24 जून।
विद्यालयों में बालिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने की।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केन्द्र तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान बालिकाओं के स्वास्थ्य और सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान विद्यालयों में उपलब्ध स्वच्छता सुविधाओं, पृथक एवं कार्यशील शौचालयों, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, सेनेटरी नैपकिन वितरण प्रणाली और उपयोग के बाद उनके सुरक्षित निस्तारण के लिए की गई व्यवस्थाओं का आकलन किया गया।
इसके अलावा छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए संचालित गतिविधियों और कार्यक्रमों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में संचालित व्यवस्थाओं और उनकी प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. निवेदिता शर्मा ने कहा कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और शिक्षा से जुड़े अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित कार्यों की नियमित निगरानी और समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यालयों में छात्राओं को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई तथा विभिन्न विभागों को आवश्यक कदम शीघ्रता से उठाने के लिए कहा गया, जिससे बालिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ बन सकें।













