'दिया तले अंधेरा' की तर्ज पर एक जिले में नए-नवेले सीधे भर्ती हुए युवा साहब ने बड़ी तैयारी के साथ अचानक छापामार कार्रवाई की योजना बनाई। मामला बड़ा था।
इस कार्रवाई से साहब अपना इकबाल बुलंद करना चाहते थे, लेकिन घर के ही किसी भेदिए ने उनके पहुंचने से पहले ही संबंधित लोगों तक खबर पहुंचा दी। अब साहब इस चिंता में परेशान हैं कि उनसे पहले उनकी खबर आखिर कैसे पहुंच गई।

















