उज्जैन, 3 जुलाई।
उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील स्थित न्यायालय ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत कारावास के साथ कुल 7 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश सनोडिया की अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास, धारा 11/12 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर कुल 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
मीडिया प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि पीड़िता ने 8 अगस्त 2025 को महिदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी अशरफ सोशल मीडिया से उसकी तस्वीरें लेकर उन्हें संपादित कर ब्लैकमेल करता था। आरोप है कि 3 अगस्त को उसने धमकी देकर पीड़िता को एक स्थान पर बुलाया और चाकू दिखाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद पीड़िता ने पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद महिदपुर थाना में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गोयल द्वारा प्रस्तुत तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।
















