नई दिल्ली, 03 जुलाई।
भारतीय जनता पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए गए सवालों की आलोचना की है। पार्टी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखा गया पत्र लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।
भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपनी पार्टियों को निजी और जातिगत आधार पर संचालित करते हैं तथा जनता का समर्थन खोने के बाद अब संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया को विभिन्न न्यायालयों ने वैध और उचित माना है। उनके अनुसार निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार समय-समय पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करती रही हैं, इसलिए इसे असाधारण या विवादास्पद प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष न्यायालय के समक्ष अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने में सफल नहीं रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल संदिग्ध मतदाताओं के आधार पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे थे।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय को लिखे गए पत्र की भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के विभिन्न बयानों का उल्लेख करते हुए विपक्ष की आलोचना की और कहा कि अलग-अलग राज्यों में उनके रुख में विरोधाभास दिखाई देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल कुछ राज्यों में सरकार चला रहे हैं, इसलिए उन्हें अपने शासन मॉडल पर भी जवाब देना चाहिए। साथ ही तेलंगाना और कर्नाटक की कांग्रेस सरकारों को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए।

















