पेरिस, 03 जुलाई।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस के प्रमुख उद्यमियों और निवेशकों को 'विकसित भारत 2047' के विजन में सहभागी बनने का न्योता दिया है। पेरिस में आयोजित भारत-फ्रांस व्यापार गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने दोनों देशों की आपसी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक, नवाचार और डिजिटल क्षेत्र में मिलकर काम करने से दोनों राष्ट्रों की साझा समृद्धि को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
वित्त मंत्री ने फ्रांसीसी निवेशकों को स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जीवन विज्ञान, सटीक चिकित्सा और डिजिटल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की पूरक शक्तियों के संयोजन से लचीली मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण की बात कही। सीतारमण ने एआई और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को भविष्य की मुख्य धुरी बताते हुए इन्हें सहयोग का प्रमुख दायरा बताया।
उन्होंने भारत में कार्यरत करीब 1,000 फ्रांसीसी कंपनियों का उल्लेख किया और वित्तीय परिवेश को अत्यंत सुदृढ़ बताया। वित्त मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि जून 2026 तक यहां 1,200 से अधिक संस्थाएं पंजीकृत हुई हैं। आईएफएससीए की बैंकिंग परिसंपत्तियां 111 अरब डॉलर और संचयी लेनदेन 176 अरब डॉलर के स्तर को पार कर चुके हैं।
सीतारमण ने बैंकिंग, लीजिंग, वैश्विक क्षमता केंद्र और टिकाऊ वित्त में तेजी से बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूती को आधार, यूपीआई और डिजिलॉकर जैसे इंडिया स्टैक नवाचारों का परिणाम बताया। उन्होंने गर्व से कहा कि भारत दुनिया में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल भुगतान का लगभग आधा हिस्सा सफलतापूर्वक संभाल रहा है।

















