उज्जैन, 3 जुलाई।
साइबर ठगी की रकम से सोना खरीदने के मामले की जांच कर रही उज्जैन पुलिस ने दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी एक निजी कंपनी में ट्रेडिंग का काम करता था। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके और उसके अन्य सदस्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इस मामले में अब तक पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
माधवनगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि 18 जून को पुलिस ने सखीपुरा स्थित होटल हीरा पैलेस में दबिश देकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें नर्मदापुरम निवासी कशिश, राहुल उर्फ शानू और अनिमेश उर्फ अनुराग उर्फ अन्नी शामिल थे। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग उज्जैन के चार अलग-अलग ज्वेलर्स से सोना खरीदने में किया था। भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से किया गया, जिससे ठगी की राशि को वैध लेनदेन का स्वरूप दिया जा सके।
तीनों आरोपितों से पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की। जांच में मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची, जहां से प्रियांशु रंजन राय को गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से सारणी का निवासी है और कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर चुका है।
पुलिस के अनुसार प्रियांशु रंजन राय वर्तमान में दिल्ली की एक निजी कंपनी में ट्रेडिंग का कार्य कर रहा था। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस गिरोह के सदस्य शौकत को गोरखपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक पांच आरोपितों को पकड़ा जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पहले साइबर ठगी के जरिए लोगों से रुपये ठगता था। इसके बाद उसी राशि को सीधे ज्वेलर्स के क्यूआर कोड पर भेजकर सोना खरीदा जाता था। पुलिस के अनुसार इस तरीके से ठगी की रकम को सोने के माध्यम से खपाने का प्रयास किया जाता था, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह ने भोपाल के चार ज्वेलर्स के यहां भी साइबर ठगी की रकम से भुगतान कर सोना खरीदा था। इस जानकारी के सामने आने के बाद भोपाल पुलिस भी मामले की जांच में सक्रिय हो गई है। संभावना है कि आगे की पूछताछ और कार्रवाई के लिए भोपाल पुलिस की टीम जल्द उज्जैन पहुंच सकती है।

















