भोपाल, 03 जुलाई।
मध्य प्रदेश के लिए वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना जारी कर दी गई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की ओर से तैयार इस योजना के तहत कुल 5,00,856 करोड़ रुपये का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने योजना का विमोचन करते हुए अधिकारियों और बैंकों से जिला स्तरीय क्रेडिट प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी विभागों, बैंकों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने समयबद्ध तरीके से ऋण वितरण के लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया।
जारी योजना के अनुसार कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। फार्म क्रेडिट के लिए 1,28,866 करोड़ रुपये और फसल ऋण के लिए 88,638 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1,65,117 करोड़ रुपये के ऋण का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,62,967 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करते हुए इस क्षेत्र के लिए भी ऋण लक्ष्य में उल्लेखनीय विस्तार किया गया है।
वार्षिक योजना के तहत प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के लिए 3,45,915 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जो कुल ऋण योजना का लगभग 69 प्रतिशत है। बैठक में विश्वास जताया गया कि राज्य सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड और सभी बैंकों के समन्वित प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएंगे।

















