नई दिल्ली, 3 जुलाई।
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मामला मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादास्पद वीडियो से जुड़ा है।
अदालत ने समिति को आदेश दिया है कि वे ध्रुव राठी के वीडियो को हटाने की मांग वाली याचिका पर अगले 15 दिनों के भीतर अपना अंतिम फैसला सुनाएं। यह वीडियो कथित तौर पर भगवान राम और सीता के अपमान से जुड़ा बताया गया है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि उक्त वीडियो हिन्दू देवी-देवताओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने अदालत में कहा कि ऐसी सामग्री को सहन नहीं किया जा सकता है।
केंद्र की ओर से सुझाव दिया गया कि या तो गूगल स्वयं इसे हटाए अथवा इसे लेकर कोई न्यायिक आदेश पारित होना चाहिए जिसका कड़ाई से पालन हो। याचिकाकर्ता ने वीडियो के शीर्षक पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।
गौरतलब है कि मामले में सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और वैमनस्य फैलाने के आरोप लगे हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का पालन न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में साकेत कोर्ट ने भी इस मामले में दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

















