कोलकाता, 03 जुलाई।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (नेवा) योजना के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल विधानसभा के बीच पहले ही समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।
न्यू टाउन में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि "एक राष्ट्र-एक अनुप्रयोग" पहल के तहत संसदीय कार्य मंत्रालय विधानसभा के डिजिटलीकरण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा रहा है। उनके अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद विधानसभा आधुनिक डिजिटल प्रणाली से लैस हो जाएगी।
रिजिजू ने बताया कि नेवा प्लेटफॉर्म के माध्यम से विधायक सदन की कार्यवाही, कार्यसूची, विधायी दस्तावेज और अन्य आधिकारिक अभिलेख डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकेंगे। इससे विधायी कार्यों में पारदर्शिता, सुविधा और कार्यकुशलता बढ़ेगी तथा आवश्यक जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव के बाद बड़ी संख्या में पहली बार निर्वाचित विधायक सदन पहुंचे हैं। ऐसे जनप्रतिनिधियों को संसदीय कार्यप्रणाली और विधायी प्रक्रियाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल नए विधायकों के लिए उपयोगी साबित होगी।
केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल विधानसभा की संसदीय परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सदन में सार्थक बहस और गुणवत्तापूर्ण चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है तथा बेहतर कानून बनाने में मदद करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होने का अपना वादा उन्होंने पूरा किया है। दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का आयोजन लोकसभा सचिवालय के अधीन संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण लोकतंत्र संस्थान तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

















