नई दिल्ली, 03 जुलाई।
केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर कथित रूप से बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के मामले में मेटा से जवाब मांगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के निर्देश पर मंत्रालय के अधिकारियों को कंपनी को तलब कर स्पष्टीकरण लेने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार मंत्रालय यह जानना चाहता है कि इस प्रकार के विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे प्रसारित हुए और उन्हें रोकने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई गई थी। अधिकारियों को पूरे मामले में कंपनी से विस्तृत जवाब लेने के निर्देश दिए गए हैं।
एक मीडिया जांच में दावा किया गया है कि इंस्टाग्राम पर ऐसे भुगतान वाले विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे थे, जिनमें आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर उपयोगकर्ताओं को टेलीग्राम चैनलों तक पहुंचाया जा रहा था। रिपोर्ट में आरोप है कि इन चैनलों पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही थी।
फिलहाल इस मामले पर मेटा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर सरकार आगे की प्रक्रिया के तहत कंपनी से प्राप्त जवाब का परीक्षण करेगी।

















