नई दिल्ली, 3 जुलाई।
केंद्र सरकार ने अल-नीनो के कारण देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए तैयारियों की समीक्षा की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में संभावित प्रभावों और आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की। सरकार ने कहा कि मानसून की स्थिति और संभावित सूखे जैसे हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बैठक में अमित शाह ने कृषि मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालयों को राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा किसानों को मौसम के अनुसार उपयुक्त फसलों की बुवाई के संबंध में समय पर सलाह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय को सभी बड़े और छोटे जलाशयों के साथ भूजल स्तर की लगातार निगरानी करने के लिए भी कहा।
गृह मंत्री ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने और कम पानी में तैयार होने वाली मोटे अनाज तथा दलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय को देशभर में निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि देश में चावल, गेहूं और अन्य आवश्यक खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आवश्यक वस्तुओं की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।
समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, उपभोक्ता मामले विभाग, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), केंद्रीय जल आयोग, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इस दौरान अमित शाह ने हाल में हुई भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम को असम और अरुणाचल प्रदेश भेजने के निर्देश दिए। सरकार के अनुसार दोनों राज्यों में बुनियादी ढांचे, कृषि और रिहायशी क्षेत्रों को हुए नुकसान का आकलन कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

















