सतना, 03 जुलाई।
सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र में बाघ की मौत का मामला सामने आया है। वन विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि करीब दो महीने पहले जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई थी। घटना को छिपाने के लिए शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था।
वन विभाग के अनुसार कुछ दिन पहले मिली सूचना के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई। इसके बाद डॉग स्क्वॉड, उड़नदस्ता दल और वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। लगातार बारिश और घने जंगल के कारण शुरुआती तलाश में कोई सफलता नहीं मिली।
जांच के दौरान मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर दो स्थानीय चौकीदारों से पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि जंगली सुअर के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से बाघ की मौत हुई थी। इसके बाद शव को जंगल के भीतर गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था, ताकि घटना का पता न चल सके।
आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग ने वह स्थान भी तलाश लिया, जहां बाघ के शव को दफनाया गया था। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जांच तेज कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

















