मध्यप्रदेश में तबादलों का सीजन पिछले हफ्ते ही निकला है, लेकिन उसके परिणाम रोज नजर आ रहे हैं।
देश के सबसे शीर्ष पद पर बैठे माननीय के दौरे के दौरान हुई एक बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार मानते हुए एक जूनियर को सजा के तौर पर फील्ड से मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया है। लेकिन साहब सफाई देते घूम रहे हैं कि मेरा कसूर तो बताओ। हालांकि, सब चुप हैं।

















