जयपुर, 03 जुलाई।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जेईएन भर्ती पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले लीक पेपर और हल किया हुआ प्रश्नपत्र हासिल कर अभ्यर्थियों को 15-15 लाख रुपये लेकर उपलब्ध कराया था। फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ बबलू मीणा, रिंकू कुमार शर्मा और लोकेश शर्मा के रूप में हुई है। लोकेश शर्मा वर्तमान में चाकसू स्थित सीबीओ कार्यालय में निलंबित शिक्षक है।
जांच में सामने आया कि कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा वर्ष 2020 में आयोजित हुई थी। पेपर लीक की शिकायत के बाद सांगानेर थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि वर्ष 2020 की भर्ती रद्द होने के बाद 12 सितंबर 2021 को आयोजित पुनः परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले लीक होकर पेपर माफियाओं तक पहुंच गया था। इसके बाद इस मामले में 19 जनवरी 2026 को नया प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार मुख्य आरोपी हर्षवर्धन मीणा ने पेपर माफियाओं से लीक और हल किया हुआ प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। इसके बाद उसने अधिक आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से अपने सहयोगियों रिंकू कुमार शर्मा और लोकेश शर्मा को इस नेटवर्क से जोड़ा। आरोप है कि दोनों ने कई अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये लेकर परीक्षा से पहले सॉल्व्ड पेपर उपलब्ध कराया।
एसओजी का कहना है कि तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा पेपर माफिया नेटवर्क, पेपर खरीदने वाले अभ्यर्थियों और इस पूरे षड्यंत्र से जुड़े अन्य लोगों तक बढ़ाया गया है। पुलिस को जांच में आगे और महत्वपूर्ण खुलासे तथा अन्य गिरफ्तारियों की संभावना है।

















