कोलकाता, 03 जुलाई।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर जारी विवाद के बीच शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी अपने समर्थक विधायकों के साथ कोलकाता स्थित तृणमूल भवन पहुंचे और कार्यालय पर नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर सियासी टकराव और तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार, कोलकाता की मेट्रोपॉलिटन बिल्डिंग में स्थित तृणमूल कांग्रेस के इस कार्यालय में ऋतब्रत बनर्जी के साथ कई समर्थक नेता भी मौजूद रहे। इससे एक दिन पहले उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष अपने गुट को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक पक्ष बताते हुए पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक संपत्तियों पर अधिकार का दावा किया था।
यह कार्यालय वर्ष 2022 से पार्टी के अस्थायी मुख्यालय के रूप में उपयोग में था। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद टॉपसिया स्थित मुख्य कार्यालय के पुनर्निर्माण के चलते इस भवन को किराये पर लिया गया था। भवन मालिक की ओर से मई 2026 में परिसर खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद जून में यहां से सामान हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी।
ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के समक्ष दावा किया है कि पार्टी के अधिकांश विधायक और कई संगठनात्मक पदाधिकारी उनके गुट के साथ हैं। उनका कहना है कि 22 जून 2026 को आयोजित विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में ममता बनर्जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाकर अरूप रॉय को नया अध्यक्ष चुना गया।
इन दावों पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत होना शेष है। फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर विवाद और राजनीतिक हलचल बनी हुई है।

















