मालवा क्षेत्र के एक डिप्टी साहब कुछ माननीयों के सहारे पूरी उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएगा।
तबादला सूची जारी होने तक साहब पूरी तरह निश्चित थे, लेकिन उनकी कुर्सी हिल गई। वे फील्ड में नहीं, बल्कि मुख्यालय पहुंच गए, जिसे लूप लाइन कहा जाता है।

















