भोपाल, 03 जुलाई।
देवास जिले के खिवनी अभयारण्य में आपसी संघर्ष में घायल हुए नर बाघ युवराज का राजधानी भोपाल स्थित वन विहार के रेस्क्यू सेंटर में उपचार जारी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन विहार प्रशासन के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 27 जून को बाघ को रेस्क्यू कर वन विहार लाया गया था। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उसका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया।
चिकित्सकीय जांच में बाघ के आगे के दोनों पैरों और पिछले बाएं पैर में गहरे घाव पाए गए। एक्स-रे जांच में आगे के दोनों पंजों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। वहीं पिछले बाएं पैर के गहरे घाव पर छह टांके लगाए गए हैं।
वन विहार के चिकित्सकों के अनुसार उपचार के दौरान बाघ की गतिविधियों और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। उसकी स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।
निरीक्षण के दौरान वन विहार के अधिकारियों और चिकित्सकों ने उपचार की प्रगति का जायजा लिया। वन विहार प्रशासन ने बताया कि घायल बाघ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

















