मियामी, 04 जुलाई।
फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ भले ही केप वर्डे को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस छोटे से द्वीपीय देश ने अपने अदम्य साहस से पूरी दुनिया का दिल जीत लिया है। मैच के 111वें मिनट में हुए दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया और अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज की।
केप वर्डे के डिफेंडर पिको लोप्स ने मैच के बाद गर्व से कहा कि उनकी टीम ने साबित कर दिया है कि बड़े सपनों के आगे आबादी का आकार मायने नहीं रखता। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन देश के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अब विश्व स्तर पर उनके देश की पहचान पूरी तरह से बदल गई है।
टूर्नामेंट के दौरान वोजिन्हा का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहा। इस 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर ने न केवल मैदान पर बेहतरीन बचाव किए, बल्कि सोशल मीडिया पर भी छाए रहे, जहाँ उनके फॉलोअर्स की संख्या में भारी उछाल आया है। वोजिन्हा ने कहा कि विश्व कप में खेलना एक सपना था और टीम ने विश्व चैंपियन के विरुद्ध अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।
मैच में केप वर्डे ने बार-बार वापसी कर फुटबॉल जगत को हैरान किया। मेसी के गोल के बाद डेरॉय डुआर्टे और सिडनी लोप्स कैब्रल ने स्कोर बराबर कर मुकाबले को अतिरिक्त समय तक खींचा। इस विश्व कप ने केप वर्डे को फुटबॉल के वैश्विक मानचित्र पर एक नई प्रतिष्ठा दिलाई है और अब पूरी दुनिया उन्हें सम्मान की दृष्टि से देख रही है।















