नई दिल्ली, 06 जुलाई।
अभिनेता दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म 'सतलुज', जो 1990 के दशक के पंजाब के घटनाक्रम और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष पर आधारित है, विवादों के घेरे में आ गई है। 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हुई यह फिल्म महज दो दिन बाद ही भारतीय प्लेटफॉर्म से हटा ली गई है। फिल्म के निर्माताओं और प्लेटफॉर्म ने इस कदम के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन ज़ी5 का कहना है कि वे भारतीय दर्शकों के लिए इसे दोबारा उपलब्ध कराने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल, यह फिल्म भारत के बाहर कई देशों में अभी भी स्ट्रीम हो रही है।
यह फिल्म लंबे समय से विवादों में रही है। वर्ष 2022 में सीबीएफसी (CBFC) ने फिल्म में 127 कट्स और शीर्षक बदलने की सिफारिश की थी। कानूनी प्रक्रियाओं और बंबई उच्च न्यायालय में मामले के बाद, निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर इसे ओटीटी पर रिलीज करने का निर्णय लिया था। फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहन ने इस अचानक लिए गए फैसले पर आश्चर्य जताते हुए स्पष्टता की कमी पर चिंता व्यक्त की है। गौरतलब है कि फिल्म की कहानी में बदलाव नहीं किया गया था, जिसके चलते इसे लेकर पहले से ही संवेदनशीलता बनी हुई थी।

















