तेहरान, 06 जुलाई।
ईरान की राजधानी में आज अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। छह दिनों तक चलने वाले इस अंतिम विदाई कार्यक्रम की मुख्य शोक यात्रा 10 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकाली जा रही है, जो इमाम हुसैन स्क्वायर से आजादी स्क्वायर तक जाएगी।
अधिकारियों का अनुमान है कि अत्यधिक भीड़ के कारण इस यात्रा को पूरा होने में 10 से 12 घंटे का समय लगेगा। जुलूस में शामिल लोग लाल और सफेद झंडे थामे हुए हैं, जिन पर 'या हुसैन' लिखा है। यह शहादत और बदले का प्रतीक माना जाता है। इस शोक यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को कोम, इराक के नजफ-कर्बला और अंत में मशहद ले जाया जाएगा।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि देश की असल ताकत जनता की एकता है, जो इस भीड़ में साफ झलक रही है। इससे पूर्व रविवार को इमाम खुमैनी मोसाला में भव्य प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस दौरान खामेनेई के साथ ही उनके परिवार के चार सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिनकी मृत्यु 28 फरवरी को एक संयुक्त हमले में हुई थी।
ईरान के इस महान नेता का जन्म 1939 में मशहद में हुआ था। 1981 के हमले में उनका हाथ घायल हो गया था। 1989 में अयातुल्ला खुमैनी के निधन के बाद वे सर्वोच्च नेता बने। इराक के प्रमुख धार्मिक नेता अम्मार अल-हकीम ने बताया कि बुधवार को नजफ और कर्बला में भी उन्हें एक बड़े धार्मिक गुरु के रूप में सम्मान दिया जाएगा।


















