चेन्नई, 6 जुलाई।
नेम्मेली की समुद्री जल शोधन परियोजना की शिलान्यास पट्टिका को हटाए जाने को लेकर राज्य की राजनीति में घमासान मच गया है। इस पट्टिका पर पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का नाम दर्ज था, जिसे हटाने के बाद से ही विवाद गहरा गया है।
द्रमुक ने इस कदम को पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और प्रतिशोध की भावना करार दिया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि सरकार पिछली सरकार की उपलब्धियों के निशान मिटाने और परियोजना का श्रेय खुद लेने के लिए ऐसी हरकतें कर रही है।
विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि जनता के लिए कोई नई योजना न ला पाने की खीझ में वे 'स्टिकर राजनीति' कर रहे हैं। द्रमुक इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए सरकार को घेरे हुए है।
दूसरी ओर, संबंधित अधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका तर्क है कि भारी वाहनों के कंपन से पट्टिका के अक्षर खराब हो रहे थे, इसलिए उसे मरम्मत के लिए अस्थायी तौर पर हटाया गया है।
विभाग का कहना है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है। कार्य पूरा होने के बाद पट्टिका को उसी गरिमा के साथ फिर से स्थापित कर दिया जाएगा। फिलहाल, यह मामला राज्य में बड़ा सियासी मुद्दा बना हुआ है।

















