नई दिल्ली, 06 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री ने उन्हें आधुनिक भारत के सबसे असाधारण राष्ट्रनिर्माताओं में से एक बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन विद्वता और देश सेवा के लिए समर्पित रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की राह पर डॉ. मुखर्जी का दूरदर्शी चिंतन आज भी पूरे देश का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए किए गए उनके बलिदानों को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र का गौरव बताया।
उद्योग मंत्री के तौर पर डॉ. मुखर्जी के योगदान को सराहते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने देश में औद्योगिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी थी। साथ ही, उन्होंने पारंपरिक उद्योगों और आम लोगों की आजीविका को संरक्षित करने पर भी विशेष बल दिया था।
बंगाल अकाल के समय उनकी मानवीय संवेदनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका संकल्प हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने संस्कृत श्लोक साझा करते हुए कहा कि महान व्यक्तित्व कभी अमरता से परे नहीं होते, बल्कि अपने श्रेष्ठ कार्यों से वे सदैव समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहते हैं।


















